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शहर बंद है (There is a lockdown)



शहर बंद है
शोर बंद है
कहर बंद है
देश बंद है
सरहद बंद है
रकीब बंद है
दोस्त बंद हैं
करीब बंद हैं
नसीब बंद हैं
फ़ासले बंद हैं
हौसले बंद हैं 
नज़दीकियाँ बंद हैं
सब नज़रबंद है
जो खुली है
वो आहिस्तगी है
वो पुरसुकून दिल की
आवाज़ है
जो कह रही है
की फिर से
हयात के कुछ नये मानी निकालो
कुछ नये मरसिम जोड़ो
माज़ी को एक ख्वाब की तरह दरकिनार करो

जो खुली है
वो सोच की गहराई है
अहसासों की अंगड़ाई है
जज़्बात की शाइस्तगी है
हवा का झोंका ये कह के अभी गया
कुछ देर साँस भी तो ले लो थोड़ी सी

In Roman,

Shahar Band Hai
Shor Band Hai
Kahar Band Hai
Desh Band hai
Sarhad Band Hai
Rakeeb Band Hain
Dost Band Hain
Kareeb Band Hain
Naseeb Band Hain
Faasle Band Hain
Hausle Band Hain
Nazdeekiyan Band Hain
Sab Nazarband Hain
Jo Khuli hai
Wo aahistagi hai
wo pursukoon dil ki awaaz hai
jo kah rahi hai
ki phir se
hayaat ke kuch naye maani nikalo
kuch naye marasim jodo
maazi ko ek khwaab ki tarah darkinar karo

Ko Khuli hai
wo soch ki gahrai hai
ahsaason ki angdai hai
jazbaat ki shaistagi hai
Hawa ka jhonka ye kah ke abhi gaya
Kuch der saans bhi to le lo thodi si


Translated in English:

City is closed
Noises are closed
Havoc is closed
The Nation is closed
The borders are closed
The enemies are locked up
So are the friends
The loved ones are locked up
The destinies are closed
Distances are closed
Resilience is all locked up
Nearness is jinxed
Everyone is detained
What is open then?
Quietness is not locked up
so is the deep down heartfelt voice
which is asking
to find a new meaning of life
to foster new relationships
and to just ignore the past misgivings

The depth of thoughts is still open
so is the comforting space of emotions
A strand of breeze just said
Why don't you breathe a little now


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Jism Tarasha tha tumhara