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For a special friend

Kuch ahsaas ka jashn hai
Kuch Jahan ki pashemani
Dhoop na nikle,
Baadlon se ishq farmati hai wo
Ik khwabida tanhai se masruf Hai kabhi
Aur kabhi ruhani tasavvur se
Wo nazuk awaaz ki Mallika
Jab hazaron khwahishon ki baat kare
To aankh band karke
Kisi aur jahan main kho jayein
Ye man kahta Hai
Wo jo khalish hai unki aankhon main
awaaz banke
ik parwaaz dhoondi hai
kisi aur manzar ki jaanib

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तुम से ही मेरा जीवन है

तुम्हारे जाने के बाद जीवन का सारांश समझ आ गया वो जो अपने होते है उन्ही से जीवन होता है एक छोटी सी बात पे मैने कुछ बोल दिया तुमने उसको बड़ा बना कर बेवजह मोल दिया किसकी ग़लती कौन जाने बस देखता हूँ दरवाज़े को कोई दस्तक दे शायद क्या करूँ , किससे बात करूँ अकेला हूँ पर भीड़ है बौहत थक गया हूँ अपने से लड़ते लड़ते तुम्हारे बिना एक प्याला चाय का भी स्वाद नहीं देता बस तुम हो सामने तो ज़िंदगी कट जाएगी तुम से ही मेरा जीवन है

शहर बंद है (There is a lockdown)

शहर बंद है शोर बंद है कहर बंद है देश बंद है सरहद बंद है रकीब बंद है दोस्त बंद हैं करीब बंद हैं नसीब बंद हैं फ़ासले बंद हैं हौसले बंद हैं  नज़दीकियाँ बंद हैं सब नज़रबंद है जो खुली है वो आहिस्तगी है वो पुरसुकून दिल की आवाज़ है जो कह रही है की फिर से हयात के कुछ नये मानी निकालो कुछ नये मरसिम जोड़ो माज़ी को एक ख्वाब की तरह दरकिनार करो जो खुली है वो सोच की गहराई है अहसासों की अंगड़ाई है जज़्बात की शाइस्तगी है हवा का झोंका ये कह के अभी गया कुछ देर साँस भी तो ले लो थोड़ी सी In Roman, Shahar Band Hai Shor Band Hai Kahar Band Hai Desh Band hai Sarhad Band Hai Rakeeb Band Hain Dost Band Hain Kareeb Band Hain Naseeb Band Hain Faasle Band Hain Hausle Band Hain Nazdeekiyan Band Hain Sab Nazarband Hain Jo Khuli hai Wo aahistagi hai wo pursukoon dil ki awaaz hai jo kah rahi hai ki phir se hayaat ke kuch naye maani nikalo kuch naye marasim jodo maazi ko ek khwaab ki tarah darkinar karo Ko Khuli hai wo soch ki gahrai hai ahsaason ki angdai ha

Jism Tarasha tha tumhara